संपादकीय: स्थानीय ख़बरों की ताक़त को कम मत आँकिए
बड़े मुद्दों की भीड़ में मोहल्ले की ख़बर ही असली बदलाव लाती है
जिस दौर में हर स्क्रीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरों से भरी है, वहाँ मोहल्ले की सड़क, पानी और स्कूल की ख़बर अक्सर पीछे छूट जाती है।
लेकिन सच यह है कि आम नागरिक की ज़िंदगी इन्हीं छोटी-छोटी ख़बरों से बदलती है। यही स्थानीय पत्रकारिता की असली ताक़त है।
हमारा उद्देश्य वही ख़बरें उठाना है जो आपके सीधे काम आती हैं।
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